डॉक्टर्स डे पर ‘मध्यप्रदेश गवर्नमेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन’ का शुभारंभ, स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाने में शासन का बनेगा रचनात्मक सहयोगी

मंडला 1 जुलाई। डॉक्टर्स डे के अवसर पर प्रदेश के शासकीय चिकित्सकों के लिए एक नए और आधुनिक संगठन ‘मध्यप्रदेश गवर्नमेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (एमपी-जीडीए)’ का औपचारिक शुभारंभ किया गया। संगठन का उद्देश्य केवल चिकित्सकों की समस्याओं को उठाना नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, उत्तरदायी, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाने में शासन का रचनात्मक सहयोग करना है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह संगठन पारंपरिक कर्मचारी संगठनों से अलग तकनीक आधारित, तथ्यपरक और समाधान केंद्रित कार्यप्रणाली अपनाएगा। संगठन स्वयं को शासन का विरोधी नहीं, बल्कि रचनात्मक सहयोगी, पेशेवर ज्ञान साझेदार तथा जमीनी स्तर की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने वाले मंच के रूप में स्थापित करेगा। चिकित्सकों के अनुभव, विशेषज्ञता और फील्ड स्तर की चुनौतियों को व्यवस्थित रूप से संकलित कर शासन तक पहुंचाया जाएगा, ताकि स्वास्थ्य नीतियों और सेवाओं में व्यावहारिक सुधार किए जा सकें।
मध्यप्रदेश का सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य संस्थानों के विशाल नेटवर्क पर आधारित है। इन संस्थानों में कार्यरत विशेषज्ञ चिकित्सक, चिकित्सा अधिकारी, दंत चिकित्सक, नव-नियुक्त चिकित्सक तथा स्वास्थ्य दल सीमित संसाधनों, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और बढ़ती जन-अपेक्षाओं के बीच निरंतर सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। संगठन का मानना है कि यही चिकित्सक स्वास्थ्य व्यवस्था के सबसे महत्वपूर्ण प्रत्यक्ष पर्यवेक्षक हैं, जिन्हें जमीनी स्तर की वास्तविक समस्याओं और उनके समाधान की सबसे बेहतर समझ होती है।
तकनीक आधारित और पारदर्शी कार्यप्रणाली
एसोसिएशन सदस्यता, संवाद, दस्तावेजीकरण, ज्ञान साझा करने, चुनाव प्रक्रिया और शिकायत निवारण जैसी सभी व्यवस्थाओं को तकनीक आधारित बनाएगा। चिकित्सकों से प्राप्त सुझावों, सेवा संबंधी चुनौतियों और अनुभवों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर शासन को प्रमाण आधारित सुझाव दिए जाएंगे। जिला और ब्लॉक स्तर तक चिकित्सकों के साथ नियमित समन्वय स्थापित कर स्थानीय समस्याओं का समयबद्ध समाधान तलाशने का प्रयास किया जाएगा।
संगठन चिकित्सकों की गरिमा, कार्यस्थल की सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण को अपनी प्राथमिकता बताएगा। साथ ही नव-नियुक्त चिकित्सकों, सेवा में कार्यरत स्नातकोत्तर प्रशिक्षु चिकित्सकों, दंत चिकित्सकों, महिला चिकित्सकों तथा दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सकों के लिए मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास और व्यावसायिक सहयोग की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार के लिए निभाएगा सक्रिय भूमिका
एसोसिएशन का मानना है कि मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी स्वास्थ्य राज्यों में शामिल करने के लिए केवल भवन, उपकरण और अन्य आधारभूत सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए प्रेरित चिकित्सक, सुरक्षित कार्यस्थल, समय पर चिकित्सकीय निर्णय, प्रभावी रेफरल व्यवस्था, गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रणाली, अनुभवी मार्गदर्शन, जवाबदेही और जमीनी स्तर से निरंतर मिलने वाले सुझाव भी उतने ही आवश्यक हैं।
इसी सोच के साथ संगठन मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान, समयबद्ध रेफरल व्यवस्था और स्वास्थ्य संस्थानों की बेहतर तैयारी के संबंध में सुझाव देगा। शिशु एवं नवजात मृत्यु दर कम करने के लिए नवजात शिशु देखभाल, विशेष नवजात देखभाल इकाइयों को मजबूत बनाने, रेफरल में होने वाली देरी कम करने तथा बाल चिकित्सा आपातकालीन सेवाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सकों के मनोबल को बढ़ाने, उनकी सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने तथा उन्हें बेहतर व्यावसायिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए भी संगठन कार्य करेगा। चिकित्सकों के साथ होने वाली हिंसा और कार्यस्थल पर असुरक्षा जैसी घटनाओं के समाधान के लिए व्यवस्थित तंत्र विकसित करने तथा रोकथाम आधारित संवाद को बढ़ावा देने का भी संकल्प लिया गया है।
इसके अतिरिक्त जिला और ब्लॉक स्तर पर चिकित्सा समन्वय को मजबूत बनाने, आयुष्मान भारत सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में चिकित्सकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने, रोगियों को बेहतर उपचार, प्रभावी संवाद, संक्रमण नियंत्रण, आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता और सेवा मानकों में सुधार के लिए विशेषज्ञ योगदान सुनिश्चित करने तथा चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञ चिकित्सकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी संगठन कार्य करेगा।
एसोसिएशन शासन को स्वास्थ्य नीतियों में सुधार के लिए जमीनी अनुभवों पर आधारित व्यावहारिक और क्रियान्वयन योग्य सुझाव भी उपलब्ध कराएगा।
चिकित्सकों का सम्मान और जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवा दोनों लक्ष्य
एसोसिएशन का स्पष्ट मानना है कि चिकित्सकों का सम्मान और प्रदेश की स्वास्थ्य उपलब्धियां एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। जब चिकित्सक सुरक्षित, सम्मानित, प्रेरित और संगठित होंगे, तभी स्वास्थ्य व्यवस्था अधिक संवेदनशील, उत्तरदायी और प्रभावी बन सकेगी। संगठन का कहना है कि चिकित्सक समाज का अंतिम भरोसा हैं और यह भरोसा तभी मजबूत रहेगा, जब उन्हें व्यवस्था में उचित सम्मान, सुरक्षा, संवाद और संस्थागत सहभागिता मिले।
इसी उद्देश्य से यह संगठन चिकित्सकों की आवाज को सशक्त मंच प्रदान करने के साथ-साथ आम जनता को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शासकीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करेगा।
डॉक्टर्स डे पर लिया संकल्प
डॉक्टर्स डे के अवसर पर एसोसिएशन ने संकल्प लिया कि वह राज्य शासन, स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, चिकित्सा शिक्षा संस्थानों तथा स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी तंत्रों के साथ सकारात्मक और रचनात्मक संवाद बनाए रखते हुए कार्य करेगा। संगठन का उद्देश्य किसी के विरोध में खड़ा होना नहीं, बल्कि चिकित्सकों की पेशेवर गरिमा, सामूहिक उत्तरदायित्व और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार को एक साथ आगे बढ़ाना है।
इसी के साथ संगठन ने घोषणा की कि 1 जुलाई 2026 को डॉक्टर्स डे के अवसर पर मध्यप्रदेश के सभी जिलों में एक साथ ‘मध्यप्रदेश गवर्नमेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन’ का शुभारंभ किया जा रहा है। संगठन ने प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए शासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

मंडला से अशोक मिश्रा की रिपोर्ट

Leave A Reply

Exit mobile version