रिपोर्ट अखिलेश झारिया
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डिंडौरी द्वारा कलेक्टर कार्यालय स्थित ऑडिटोरियम में वृहद “मेगा लीगल आउटरीच एंड अवेयरनेस कैंप” का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश एवं मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष शशिकांता वैश्य मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। शिविर का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आशीष कुमार केशरवानी के मार्गदर्शन में किया गया।
शिविर में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और ग्रामीणजन पहुंचे। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए घरेलू हिंसा से संरक्षण, भरण-पोषण, श्रमिक अधिकार, मानव तस्करी से बचाव, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार और दिव्यांगजन से जुड़े प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई।
सचिव आशीष कुमार केशरवानी ने अपराध पीड़ित प्रतिकार योजना के तहत मिलने वाली सहायता और विधिक उपायों पर प्रकाश डाला। कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश एम.एल. राठौर ने निःशुल्क विधिक सहायता और मीडिएशन की प्रक्रिया समझाई, वहीं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गिरजेश कुमार सनोड़िया ने बाल विवाह निषेध, पॉक्सो अधिनियम और मोटर यान अधिनियम के प्रावधानों से अवगत कराया। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी श्याम सिंगौर ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष यू.के. पटेरिया सहित अधिवक्ताओं और लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्यों ने भी निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में मार्गदर्शन दिया।
शिविर के दौरान लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण-पत्र वितरित किए गए और हितग्राहियों को स्वरोजगार हेतु ऋण स्वीकृति पत्र सौंपे गए। साथ ही अग्निवीर योजना के लिए आवेदन भी प्राप्त किए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारी, पुलिस प्रशासन, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, अधिवक्तागण, पैरालीगल वा
लंटियर और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन ऋषि पाण्डेय ने किया, जबकि अंत में आशीष कुमार केशरवानी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
रिपोर्ट अखिलेश झारिया








