डिंडौरी। जिले की कांग्रेस राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब जिला कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के अध्यक्ष संजय दुबे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे को पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और वरिष्ठ नेताओं की कार्यशैली को लेकर उठ रहे सवालों से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को डिंडोरी कांग्रेस के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, संजय दुबे लंबे समय से कांग्रेस संगठन और सोशल मीडिया गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व को अपना इस्तीफा भेजते हुए व्यक्तिगत और पारिवारिक व्यस्तताओं का हवाला दिया है। हालांकि, पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा है कि हाल के घटनाक्रमों और संगठन के भीतर पैदा हुई नाराजगी ने भी उनके इस निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मीनाक्षी नटराजन प्रकरण के बाद बढ़ी नाराजगी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व से जुड़े हालिया घटनाक्रम और आंदोलन के दौरान युवा कांग्रेस नेता विक्रांत भूरिया के साथ हुई कार्रवाई के बाद जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष की स्थिति बनी हुई है। कार्यकर्ताओं का एक वर्ग मानता है कि ऐसे समय में क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओं को खुलकर सामने आना चाहिए था, लेकिन अपेक्षित सक्रियता दिखाई नहीं दी।
इसी मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव भूपेंद्र मरावी की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान उनकी चुप्पी और निष्क्रियता ने कार्यकर्ताओं को निराश किया है। हालांकि, इस संबंध में भूपेंद्र मरावी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इस्तीफे में बताई व्यक्तिगत वजह
संजय दुबे द्वारा प्रदेश सोशल मीडिया नेतृत्व को भेजे गए इस्तीफा पत्र में लिखा गया है कि पारिवारिक जिम्मेदारियों और दूसरे राज्यों में अधिक समय व्यतीत होने के कारण वे संगठनात्मक दायित्वों का निर्वहन करने में असमर्थ हैं। उन्होंने संगठन से अनुरोध किया है कि यह जिम्मेदारी किसी अन्य कार्यकर्ता को सौंप दी जाए।
पार्टी से जुड़े रहने का किया ऐलान
इस्तीफे के बावजूद संजय दुबे ने कांग्रेस पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता कायम रखने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे पद छोड़ रहे हैं, लेकिन एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में पार्टी की सेवा करते रहेंगे।
राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बना इस्तीफा
संजय दुबे के इस्तीफे के बाद डिंडोरी कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद और संगठनात्मक स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब निगाहें प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व पर टिकी हैं कि वह इस घटनाक्रम को किस तरह संभालता है और संगठन में पैदा हुए असंतोष को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है। वहीं, भूपेंद्र मरावी की प्रतिक्रिया का भी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक पर्यवेक्षकों को इंतजार है।
