बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में बिलासपुर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद वर्मा की स्पेशल डिवीजन बेंच ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उन्हें तीन हफ्ते के अंदर पुलिस के सामने सरेंडर करने का सख्त आदेश दिया है। इस फैसले के बाद अमित जोगी पर कानूनी दबाव काफी बढ़ गया है।
इससे पहले निचली अदालत ने साल 2007 में सबूतों की कमी बताकर अमित जोगी को बाइज्जत बरी कर दिया था। राम अवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने इस फैसले के खिलाफ लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। उन्होंने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही यह मामला बिलासपुर हाईकोर्ट में दोबारा खोला गया और अंतिम सुनवाई तय की गई।
इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी और कोर्ट में 11 हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की थी। बुधवार को अंतिम सुनवाई में सतीश जग्गी सीबीआई राज्य सरकार और अमित जोगी के वकील मौजूद थे। अमित जोगी के वकील ने फाइल पढ़ने के लिए समय मांगा था। लेकिन हाईकोर्ट ने समय देने से साफ इनकार कर दिया और सीबीआई को तुरंत फाइल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
ब्यूरो चीफ शंकर अघिजा
क्राइम रिपोर्टर राजा जनक्यानी







