जांजगीर-चांपा
जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में चांपा पुलिस को आज एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने रेलवे ओवरब्रिज के नीचे दबिश देकर दो नाबालिगों को भारी मात्रा में गांजे के साथ हिरासत में लिया है। इस मामले की सबसे चिंताजनक बात यह है कि नशे के इस काले कारोबार में कम उम्र के बच्चों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पकड़े गए दोनों विधि से संघर्षरत बालकों के पास से पुलिस ने कुल 6.874 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 3,43,700 रुपये बताई जा रही है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के कुशल निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार कश्यप के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। पुलिस को मुखबिर के जरिए पुख्ता सूचना मिली थी कि चांपा रेलवे स्टेशन के पास ओवरब्रिज के नीचे दो लड़के गांजा बेचने की फिराक में ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए CSP जांजगीर योगिताबाली खापर्डे के नेतृत्व में तत्काल एक टीम गठित की गई।
जब पुलिस टीम मौके पर पहुँची, तो घेराबंदी देख दोनों नाबालिगों ने छिपने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उन्हें तत्परता से पकड़ लिया। गवाहों की मौजूदगी में तलाशी लेने पर उनके कब्जे से न केवल अवैध गांजा मिला, बल्कि तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा एक मोबाइल फोन भी जप्त किया गया। पुलिस ने इस मामले में दोनों नाबालिगों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(बी) और 29 के तहत अपराध क्रमांक 82/26 पंजीबद्ध किया है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
नशे के सौदागरों के खिलाफ की गई इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक वैष्णव, उपनिरीक्षक उमेंद्र मिश्रा, प्रधान आरक्षक नरसिंह बर्मन और आरक्षक गौरीशंकर राय समेत समस्त थाना स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अब इस बात की तस्दीक कर रही है कि इन नाबालिग बच्चों को मादक पदार्थों की सप्लाई करने वाले मुख्य सरगना कौन हैं।
रिपोर्टर: मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़








