ई-उपार्जन केंद्र में भूमि फर्जीवाड़ा अन्य की कृषि भूमि को अपनी बताकर धान विक्रय और किसान क्रेडिट कार्ड निर्माण का गंभीर मामला
कटनी/ बहोरीबंद
कटनी | कृषि उपज के ई-उपार्जन की व्यवस्था किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से लागू की गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर यह व्यवस्था कई स्थानों पर भ्रष्टाचार, कूटरचना और आपराधिक मिलीभगत का शिकार होती दिखाई दे रही है।ऐसा ही एक गंभीर मामला कटनी जिले की बहोरीबंद तहसील की प्राथमिक कृषि साख समिति बहोरीबंद के अंतर्गत अरुण प्रताप बियर हाउस मैं पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर का ग्राम मुरावल की कृषि भूमि से जुड़ा मामला सामने आया है, जिसमें अन्य व्यक्ति की भूमि को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अपनी बताकर न केवल ई-उपार्जन केंद्र में पंजीयन कराया गया, बल्कि धान की बिक्री कर सरकारी राशि का आहरण भी कर लिया गया। प्राप्त तथ्यों के अनुसार ग्राम मुरावल, तहसील रीठी की कृषि भूमि मूलतः पंकज सिंह पिता नागेंद्र सिंह के स्वामित्व की है।
🖋️ पुलिसवाला न्यूज़ कटनी से पारस गुप्ता की रिपोर्ट
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