आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका संघ का दो दिवसीय धरना
गरियाबंद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर दो दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू किया है। गांधी मैदान में आयोजित इस आंदोलन में जिलेभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और सहायिकाएं शामिल हुईं और शासन के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रांतीय आह्वान पर शुरू हुए इस धरने में लगभग 500 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्षों से अल्प मानदेय में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें आज तक शासकीय कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है। संघ की प्रमुख मांग है कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए।
दूसरी मांग के तहत, जब तक शासकीय कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलता, तब तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह 26 हजार रुपये और सहायिकाओं को 22 हजार 100 रुपये मानदेय दिया जाए, जैसा कि मध्य प्रदेश की तर्ज पर लागू है।
इसके अलावा संघ ने सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी, मासिक पेंशन, आकस्मिक मृत्यु पर आर्थिक सहायता और समूह बीमा की स्पष्ट नीति बनाए जाने की मांग भी उठाई है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर पर और तेज किया जाएगा।
रिपोर्ट नेहरू साहू पुलिस वाला न्यूज जिला ब्यूरो गरियाबंद







