धमतरी में मानव तस्करी और बाल संरक्षण पर एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न: पुलिस अधीक्षक ने दिया ‘पीड़ित-केंद्रित’ पुलिसिंग का मंत्र

​धमतरी। जिले में मानव तस्करी, अनैतिक व्यापार और महिलाओं व बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा धमतरी पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को आजीविका महाविद्यालय (लाइवलीहुड कॉलेज) में एक दिवसीय व्यापक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना और कानूनी प्रावधानों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना रहा।
​कार्यशाला में मुख्य मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार ने पुलिसिंग के मानवीय पक्ष पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि मानव तस्करी और लैंगिक अपराधों के मामलों में पुलिस की भूमिका केवल विवेचना तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे पीड़ित-केंद्रित और सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए। श्री परिहार ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के साथ व्यवहार में गरिमा और संवेदनशीलता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि डिजिटल युग में साइबर अपराधों के प्रति तकनीकी दक्षता और विभागों के बीच त्वरित सूचना साझा करना समय की मांग है।
​प्रशिक्षण सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने विभिन्न विधिक पहलुओं पर गहन प्रकाश डाला। मानव तस्करी को एक संगठित अपराध बताते हुए इसके रोकथाम, पीड़ितों के संरक्षण और पुनर्वास की प्रक्रियाओं को विस्तार से समझाया गया। इसके साथ ही ‘पॉक्सो’ (POCSO) अधिनियम 2012 और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत बच्चों की सुरक्षा और अनिवार्य सूचना देने जैसे कानूनी दायित्वों की जानकारी दी गई। कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम 2013 के अंतर्गत आंतरिक शिकायत समिति के गठन और जांच की समयबद्धता पर भी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
​इस कार्यशाला में विभिन्न विशेषज्ञों ने अपनी महत्वपूर्ण राय साझा की। डिप्टी कलेक्टर डॉ. कल्पना ध्रुव (कलेक्टर प्रतिनिधि), डीएसपी सुश्री मोनिका मरावी, जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री अजय सिंह, महिला संरक्षण अधिकारी अनामिका शर्मा, डीसीपीयू से श्री आनंद पाठक और साइबर थाना प्रभारी सउनि. श्री प्रदीप सिंह ने साइबर स्टॉकिंग, ऑनलाइन ठगी और कानूनी साक्ष्य संकलन जैसे विषयों पर व्याख्यान दिया।
​कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती जगरानी एक्का, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री महेश मरकाम सहित जिले के समस्त थाना क्षेत्रों—धमतरी, रूद्री, अर्जुनी, कुरूद, नगरी, सिहावा, और मगरलोड सहित अन्य चौकियों व शाखाओं के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। यह कार्यशाला अंतर-विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने और जिले में एक सुरक्षित सामाजिक वातावरण निर्मित करने की दिशा में एक प्रभावी कदम सिद्ध हुई है।
रिपोर्ट, मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़

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