अखिल भारतीय तैलीक साहू महासभा के महिला प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष स्वाति साहू पहुंची भोग भंडारा में
राजिम कुंभ मेला के अवसर पर राजिम भक्तिन माता समिति द्वारा आयोजित भोग भंडारा में आज एक भावपूर्ण और सामाजिक सौहार्द से भरा दृश्य देखने को मिला। राजिम नगर के कहार-भोई समाज के प्रमुख एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविंद कहार तथा उनके अनुज दीपक कहार ने अपने वैवाहिक जीवन की 25वीं वर्षगांठ (रजत जयंती) राजिम भक्तिन माता भोग भंडारा में मनाई।अपने निवास पर विधिवत पूजा-पाठ के पश्चात गोविंद कहार अपनी धर्मपत्नी ज्योति कहार एवं दीपक कहार अपनी धर्मपत्नी दीपमाला कहार के साथ भोग भंडारा स्थल पहुँचे।

यहाँ दोनों दंपतियों ने एक-दूसरे को फूलमालाएँ पहनाकर रजत जयंती का उत्सव मनाया
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष लाला साहू ने गुलदस्ता भेंट कर शुभकामनाएँ दीं।
भोग भंडारा प्रारंभ होने से पूर्व अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष स्वाति साहू, भाजपा नेता जितेंद्र राजू सोनकर, जनपद पंचायत फिंगेश्वर के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र साहू, व्यापारी संघ राजिम के लालू मेघवानी, सुनील श्रीवास्तव, अजय साहू, संतोष साहू, राकेश गुप्ता सहित समिति के महासचिव श्याम साहू समाजसेवी द्विज राम साहू अशोक बजरंगी साहू एवं अन्य समाजसेवियों ने भक्तिन माता की पूजा-आरती की।
भोग भंडारा में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
आज विशेष रूप से गुलाब जामुन के साथ छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन सलगा-बरा, आलू-भाटा-सेमी-मटर की सब्जी एवं अचार परोसा गया
गोविंद कहार एवं दीपक कहार ने अपनी रजत जयंती के अवसर पर भंडारा हेतु विशेष सहयोग प्रदान किया।सेठ फूलचंद स्मृति महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के प्रभारी आर. के. रजक के निर्देशन में छात्र-छात्राओं—नूतन कुमार, जगमोहन साहू, योगराज साहू, व्यास नारायण साहू, कैलाश साहू, नवदित्य यादव, कौशल साहू, वासुदेव, श्रद्धा साहू, नेहा साहू, भूमिका दास एवं रीना साहू—ने दिनभर सेवा कार्य किया, जिनका समिति द्वारा फूलमाला पहनाकर स्वागत किया गया। इसके अतिरिक्त, बलौदा बाजार जिले की ग्राम पंचायत मोहरा के सरपंच तरणी जवाहर वर्मा सैकड़ों ग्रामवासियों के साथ भोग भंडारा में पहुँचे और सेवा में सहभागिता निभाई।
।समग्र रूप से, भोग भंडारा सेवा, श्रद्धा और सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण बना, जहाँ आस्था के साथ-साथ मानवीय संवेदनाएँ और सामूहिक सहभागिता सशक्त रूप में दृष्टिगोचर हुई।
नेहरू साहू जिला ब्यूरो गरियाबंद