शहडोल मध्य प्रदेश
हाथियों की दहशत: बिजली कटौती से पढ़ाई बाधित, मंडल अध्यक्ष ने की इमरजेंसी लाइट और टॉर्च वितरण की मांग
शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में हाथियों की आवाजाही ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। वन परिक्षेत्र पश्चिम ब्यौहारी से लगे गांवों में हाथियों की आमद के कारण सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन द्वारा रात के समय बिजली काट दी जाती है। इस समस्या को लेकर भाजपा ओबीसी मोर्चा के मंडल अध्यक्ष रामचन्द्र पाल ने वन विभाग को पत्र लिखकर समाधान की मांग की है।
पढ़ाई और सुरक्षा पर संकट
पत्र में उल्लेख किया गया है कि हाथियों के मूवमेंट के कारण होने वाली नियमित बिजली कटौती से सबसे ज्यादा नुकसान विद्यार्थियों को हो रहा है। रात में अंधेरा होने के कारण बच्चे अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पा रहे हैं। इसके साथ ही, गांव के किसानों और मजदूरों के लिए भी रात का समय असुरक्षित हो गया है। बिना रोशनी के जंगली हाथियों के हमले का खतरा बना रहता है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल है।
प्रशासन से राहत की अपील
मंडल अध्यक्ष रामचन्द्र पाल ने वनमंडलाधिकारी (DFO) को पत्र भेजकर आग्रह किया है कि:
प्रभावित गांवों के विद्यार्थियों के लिए इमरजेंसी लाइट की व्यवस्था की जाए।
खेतों और रास्तों पर आवाजाही करने वाले किसानों एवं मजदूरों को टॉर्च वितरित की जाएं।
”बिजली बंद होने से बच्चों का भविष्य और आमजन की सुरक्षा दांव पर है। सरकार और वन विभाग को तत्काल संसाधनों का वितरण कर राहत पहुंचानी चाहिए।
इस पत्र की प्रतिलिपि वन परिक्षेत्र अधिकारी पश्चिम ब्यौहारी को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजी गई है। अब देखना यह है कि विभाग ग्रामीणों की सुरक्षा और बच्चों की पढ़ाई के लिए कितनी जल्दी कदम उठाता है।
अजय पाल