​”कानून सबके लिए बराबर: रायपुर पुलिस ने पेश की मिसाल, नशा तस्करी में संलिप्त अपने ही सिपाही को भेजा जेल।”

रायपुर: खाकी शर्मसार, चिट्टा बेचते रंगे हाथों पकड़ा गया आरक्षक; पुलिस ने भेजा जेल

​रायपुर। राजधानी में नशे के सौदागरों के खिलाफ रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर अब अपनों पर भी दिखने लगा है। पुलिस ने विभाग की गरिमा को ताक पर रखकर नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक आरक्षक को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। आरक्षक के पास से प्रतिबंधित मादक पदार्थ ‘चिट्टा’ (हेरोइन) बरामद किया गया है।
​यह कार्यवाही पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) श्री संदीप कुमार पटेल के कड़े निर्देशों एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) श्री राहुल देव शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में संचालित अभियान के तहत की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक पुलिस आयुक्त (न्यू राजेन्द्र नगर) श्री नवनीत पाटिल एवं सहायक पुलिस आयुक्त (आजाद चौक) श्री इशु अग्रवाल के आदेशानुसार टिकरापारा और आजाद चौक थाने की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया था।
​थाना प्रभारी टिकरापारा विनय सिंह बघेल के नेतृत्व में इस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर मठपारा स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर के पीछे घेराबंदी की। वहां एक्सिस वाहन क्रमांक CG-04-PW-1372 में सवार संदिग्ध व्यक्ति की तलाशी लेने पर पुलिस टीम दंग रह गई। पकड़ा गया आरोपी हिंमाशू बर्मन रायपुर में ही पदस्थ आरक्षक निकला, जिसके पास से करीब 8,000 रुपये कीमत का 01 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
​थाना प्रभारी विनय सिंह बघेल ने बताया कि आरोपी आरक्षक के विरुद्ध धारा 21 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस अवैध कारोबार की जड़ों तक पहुँचने के लिए ‘सोर्स टू डेस्टिनेशन’ कड़ी की गहनता से विवेचना कर रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।
रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव,
ब्यूरो चीफ,पुलिसवाला न्यूज़

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