डिंडौरी मध्यप्रदेश

शहपुरा (डिंडौरी)।
जिले में राघोपुर बहुउद्देशीय परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित मरवारी बांध एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। प्रशासनिक अनदेखी और सरकार की मनमानी के खिलाफ सैकड़ों ग्रामीणों का आक्रोश शुक्रवार को खुलकर सामने आया, जब ग्रामीणों ने घुसिया गांव में बने ठेकेदार के कैंप में घुसकर उसे चारों ओर से घेर लिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि नर्मदा नदी पर प्रस्तावित इस बड़े बांध के निर्माण से क्षेत्र की 20 ग्रामपंचायतों के लगभग 52 गांव सीधे तौर पर प्रभावित होंगे, बावजूद इसके प्रशासन ने न तो ग्रामीणों की सहमति ली और न ही समुचित भू-अर्जन प्रक्रिया पूरी की।
ग्रामीणों का कहना है कि जब ग्रामीण किसान इस बांध का शुरू से विरोध कर रहे है बावजूद इसके बांध निर्माण शुरू करना पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है।

सूत्रों के अनुसार प्रशासन स्वयं मान रहा है कि भू-अर्जन का कार्य अभी जारी है, इसके बावजूद निर्माण कार्य की तैयारियां शुरू कर दी गईं, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। यही कारण है कि ग्रामीणों ने ठेकेदार के कैंप का घेराव कर निर्माण कार्य रोकने की मांग की।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शहपुरा पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची, वहीं कैंप के अंदर भी पुलिस तैनात किए जाने की खबर है। घंटो तक प्रशासन और पुलिस ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन ग्रामीण अपने निर्णय पर अडिग नजर आए।

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज कर निर्माण कार्य आगे बढ़ाया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि विकास के नाम पर क्या सरकार ग्रामीणों की जमीन, अस्तित्व और अधिकारों को यूँ ही कुचलती रहेगी?

रिपोर्ट अखिलेश झारिया

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