शहडोल मध्य प्रदेश

शहडोल =देवझड़ धाम की पावन और मनोहारी प्राकृतिक वादियों के बीच वन विभाग द्वारा आयोजित “अनुभूति कार्यक्रम” पूरी सफलता और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम बच्चों को जंगल, वन्यजीव, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के महत्व से सीधे जोड़ने की एक सार्थक पहल साबित हुआ।
कार्यक्रम में वन मंडल अधिकारी तरुणा वर्मा, एफओ ए.के. निगम, डिप्टी रेंजर सहित वन विभाग की पूरी टीम उपस्थित रही। साथ ही जनप्रतिनिधियों में रामचन्द्र पाल (मंडल अध्यक्ष, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा बाणसागर), मनीलाल सिंह (पूर्व सरपंच सतखुरी), सरपंच चचाई संजय सिंह, गंगा प्रसाद पाल (अध्यक्ष वन समिति शहरगढ़) सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं शिक्षक मौजूद रहे।
वन विभाग के अधिकारियों ने बच्चों को सरल, रोचक और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से जंगलों के महत्व, वन्य प्राणियों की सुरक्षा, पेड़ों की उपयोगिता और पर्यावरण संतुलन की जानकारी दी। बच्चों को यह संदेश दिया गया कि “जंगल हैं तो जीवन है, प्रकृति है तो भविष्य है।”


कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण और वन्यजीव विषय पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनमें आत्मविश्वास और सीखने की ललक और बढ़ी।
रामचन्द्र पाल ने बच्चों से संवाद करते हुए वनों से जुड़े सवाल पूछे और सही उत्तर देने वाले बच्चों को विशेष प्रोत्साहन पुरस्कार दिए। इस पहल से बच्चों में जागरूकता और जिज्ञासा और मजबूत हुई।
बच्चों ने जंगल भ्रमण कर प्रकृति को करीब से जाना और पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। देवझड़ धाम का शांत, हराभरा वातावरण बच्चों के लिए एक जीवंत प्राकृतिक पाठशाला बन गया। अंत में वन विभाग ने सभी अतिथियों और सहभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का आश्वासन दिया।

अजय पाल

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