ग्राम पंचायत उमरियापान में कथित फर्जीवाड़े के आरोप, बिना सील-हस्ताक्षर के बिलों से भुगतान पर उठे गंभीर सवाल

कटनी जिले की जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत उमरियापान इन दिनों कथित अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। पंचायत में नियमों को दरकिनार कर किये जा रहे कार्यों और बिना आवश्यक प्रक्रिया के भुगतान किए जाने को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। आरोप है कि पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर फर्जी बिल लगाकर शासकीय राशि का आहरण किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार पंचायत में 26,900 रुपये, 17,800 रुपये, 79,946 रुपये, 36,300 रुपये, 26,900 रुपये तथा 50,449 रुपये के कई बिल लगाए गए हैं, जिन पर न तो सरपंच और न ही सचिव की विधिवत सील और हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं। नियमों के अनुसार बिना अधिकृत सील-हस्ताक्षर के बिलों का भुगतान किया जाना स्पष्ट रूप से नियम विरुद्ध माना जाता है, इसके बावजूद भुगतान की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि जब से पंचायत में राजकुमार पटेल ने प्रभार संभाला है, तब से पंचायत कार्यों में अनियमितताओं का सिलसिला बढ़ गया है। विकास कार्यों के नाम पर लगातार ऐसे बिल लगाए जा रहे हैं, जिनका जमीनी हकीकत से कोई मेल नहीं है। नाली निर्माण, सड़क मरम्मत, साफ-सफाई, भवन मरम्मत जैसे कार्यों पर लाखों रुपये खर्च दिखाए जा रहे हैं, जबकि मौके पर कार्य या तो अधूरे हैं या गुणवत्ता बेहद खराब बताई जा रही है।
फर्जी बिलों से राशि आहरण का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बिल ऐसे हैं जिनके अनुरूप कार्य हुए ही नहीं। कुछ मामलों में एक ही कार्य के लिए अलग-अलग तिथियों में भुगतान दर्शाए जाने की भी चर्चा है। वहीं सामग्री आपूर्ति और मजदूरी भुगतान में भी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि जिन मजदूरों के नाम से भुगतान दिखाया गया है, उनमें से कई लोगों ने संबंधित कार्यों में काम ही नहीं किया।
नियमों और प्रक्रियाओं की अनदेखी
पंचायत कार्यों के लिए शासन द्वारा तय तकनीकी स्वीकृति, कार्य आदेश, मस्टर रोल, भौतिक सत्यापन और गुणवत्ता जांच जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन न किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई कार्य बिना ग्रामसभा की स्वीकृति के शुरू कर दिए गए और बाद में कागजों में औपचारिकता पूरी कर ली गई।
सरपंच की भूमिका पर भी सवाल
इन आरोपों के बीच ग्राम पंचायत के सरपंच अटल ब्यौहार की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों और पंचायत के कुछ सदस्यों का आरोप है कि निर्णय प्रक्रिया एकतरफा हो गई है और पंचायत में मनमानी ढंग से कार्य कराए जा रहे हैं। आपत्तियां उठाने वालों पर दबाव बनाए जाने के आरोपों से पंचायत का माहौल तनावपूर्ण बताया जा रहा है।
ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग
लगातार सामने आ रहे इन कथित अनियमितताओं से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि पंचायत को विकास का केंद्र होना चाहिए, लेकिन यहां विकास के नाम पर कागजी खानापूर्ति और कथित भ्रष्टाचार हो रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो पंचायत में वास्तविक विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित होंगे और शासकीय धन का दुरुपयोग जारी रहेगा।
🖋️ पुलिसवाला न्यूज़ कटनी से पारस गुप्ता की रिपोर्ट

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