ग्राम पंचायत उमरियापान न्यू बस स्टैंड बना गंदगी का अड्डा


लाखों रुपये खर्च, लेकिन सफाई व्यवस्था ज़मीन पर नदारद


कटनी /ढीमरखेड़ा


कटनी जिले की जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत उमरियापान का न्यू बस स्टैंड इन दिनों अपनी बदहाली और फैली गंदगी के कारण चर्चा में है। एक ओर सरकार और प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को मजबूत बनाने के दावे करते नहीं थकते, वहीं दूसरी ओर वास्तविक हालात इन दावों की पोल खोलते नज़र आते हैं।न्यू बस स्टैंड में गंदगी का ऐसा अंबार लगा हुआ है कि स्थानीय लोग ही नहीं, यहाँ से गुजरने वाले यात्री भी नाक दबाकर गुजरने को मजबूर हैं। आश्चर्य की बात यह है कि पंचायत हर महीने सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन इसका जरा भी असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं देता ।
कागज़ों में सफाई, ज़मीन पर बदहाली
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पंचायत हर महीने सफाईकर्मियों को मानदेय, कचरा उठाने के नाम पर मोटी रकम खर्च करती है। लेकिन इन सभी खर्चों का प्रभाव न्यू बस स्टैंड पर कहीं देखने को नहीं मिलता। बस स्टैंड की सड़कें कीचड़ से भरी हुई हैं, कचरा कंटेनरों की कमी है, और जो कचरा डस्टबिन में होना चाहिए वह पूरे परिसर में बिखरा पड़ा रहता है। कई जगह नालियाँ महीनों से साफ नहीं की गई हैं, जिसके कारण उनमें पानी और कचरा सड़ने लगा है और इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है।
यात्रियों की परेशानी गंदगी से लेकर दुर्गंध तक
बस स्टैंड पर रोजाना सैकड़ों यात्री आते-जाते हैं, लेकिन उनके लिए न बैठने की उचित व्यवस्था है और न ही साफ-सफाई का वातावरण, बसों के इंतज़ार में बैठे यात्रियों को बदबूदार माहौल और गंदगी झेलनी पड़ती है। बारिश के दिनों में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है कीचड़, पानी भराव और कचरा मिलकर यात्रियों के लिए असहनीय स्थिति पैदा कर देते हैं। यहां तक कि कई यात्रियों ने शिकायत की है कि बदबू और अस्वच्छता के कारण उन्हें चक्कर आने लगते हैं।
ग्राम पंचायत पर सवाल बजट कहाँ जा रहा है?
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब सफाई के नाम पर हर महीने लाखों रुपये निकलते हैं, तो फिर न्यू बस स्टैंड पर सफाई दिखाई क्यों नहीं देती? क्या सफाई कार्य केवल कागजों में किया जा रहा है? क्या सफाईकर्मी समय पर काम नहीं करते? या फिर निगरानी रखने वाले अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहे? स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंचायत में सफाई व्यवस्था पूरी तरह लापरवाह और भ्रष्टाचार से प्रभावित है ।
स्वच्छता अभियान सिर्फ दिखावा?
देशभर में स्वच्छ भारत मिशन की सफलता की बड़ी-बड़ी मीटिंग्स और रिपोर्टें बनाई जाती हैं। पंचायत स्तर पर भी स्वच्छता अभियान की कार्यशालाएँ, जागरूकता कार्यक्रम और निरीक्षण होते हैं। लेकिन उमरियापान का यह न्यू बस स्टैंड यह साबित करता है कि स्वच्छता अभियान केवल कागजों, दीवारों पर लिखे स्लोगन और सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित है।जगह-जगह गंदगी, प्लास्टिक कचरा, खराब नालियां, आवारा जानवरों का जमावड़ा और दुर्गंध यह सब देखने के बाद गांव की स्वच्छता रैंकिंग पर भी सवाल खड़े होते हैं ।

🖋️ पुलिसवाला न्यूज़ कटनी से पारस गुप्ता की रिपोर्ट

Leave A Reply

Exit mobile version