रायपुर। गो माता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान को लेकर ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के अंतर्गत राजधानी रायपुर
फाफाडी में एक महत्वपूर्ण मुख्य बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक नंदी बाबा एवं गौ माता के सान्निध्य में सम्पन्न हुई, जिसमें रायपुर सहित आसपास की कई तहसीलों से बड़ी संख्या में गौ भक्तों की उपस्थिति रही।

बैठक में अभियान की भावी रणनीति एवं राष्ट्रव्यापी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान पूर्णतः संवैधानिक, शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत संचालित किया जाएगा, जिसमें किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था का सहारा नहीं लिया जाएगा।

बैठक में बताया गया कि ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ को पांच चरणों में संपन्न किया जाएगा। प्रथम चरण के अंतर्गत 27 अप्रैल 2026 को देशभर में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल को प्रार्थना पत्र सौंपे जाएंगे। द्वितीय चरण में 27 जुलाई 2026 को देश के 790 जिलों में एक साथ प्रार्थना पत्र दिए जाएंगे।

तृतीय चरण में 27 अक्टूबर 2026 को प्रत्येक राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश की राजधानी में संवैधानिक तरीके से लाखों की संख्या में प्रार्थना पत्र सौंपे जाएंगे। यदि तीन बार संवैधानिक रूप से मांग उठाने के बावजूद समाधान नहीं निकलता है, तो 27 फरवरी 2027 से चतुर्थ चरण की शुरुआत की जाएगी।

चतुर्थ चरण में देश के 30 जिलों से प्रत्येक जिले के 1000 गौ भक्त दिल्ली पहुंचकर सात दिनों तक लाखों की संख्या में प्रार्थना पत्र लिखकर लोकतांत्रिक ढंग से अपनी मांग रखेंगे। इसके पश्चात अन्य राज्यों के 30-30 जिलों के गौ भक्त इसी क्रम में दिल्ली पहुंचेंगे। यह प्रक्रिया लगभग छह माह तक निरंतर जारी रहेगी।

बैठक में कहा गया कि यह अभियान लोकतंत्र में विश्वास रखते हुए पूरी तरह संवैधानिक मार्ग पर चलेगा। साथ ही अभियान के आध्यात्मिक नेतृत्व को लेकर 33 कोटि देवी-देवताओं के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन में आगे बढ़ने का विश्वास व्यक्त किया गया।

अंत में उपस्थित गौ भक्तों ने एक स्वर में गो माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने, गो संरक्षण एवं संवर्धन के लिए इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
रिपोर्ट: प्रवीण शर्मा
क्राइम ब्यूरो,पुलिसवाला न्यूज़

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