मनोज पांडेय
प्रयागराज। अखिल भारतीय रामायण मेला के त्रिदिवसीय समारोह के तृतीय दिवस आध्यात्म, साहित्य, संगीत, कला, रक्षा, काव्य, शिक्षा एवं अन्यान्य क्षेत्रों में प्रतिभावान कार्य सम्पादित करने वाले विशिष्ट जनों एवं कीर्तिशेष सुमित्रा देवी गुप्ता की पुण्य स्मृति में जनपद के बेसिक माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा जगत में महती योगदान हेतु शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। रामायण मेला के कार्यक्रमों में पूर्व सम्पन्न हुई रामचरितमानस आधारित चित्रकला, निबन्ध, प्रश्नोत्तरी, अन्त्याक्षरी एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओ को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति उच्च न्यायालय अशोक कुमार, विशिष्ट अतिथि शहर उत्तरी के यशस्वी विधायक हर्षवर्धन बाजपेई, बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रयागराज अनिल कुमार, सह जिला विद्यालय निरीक्षक जीतेन्द्र प्रताप सिंह, सूबेदार संजय सिंह वत्स, मध्यान्ह भोजन समन्वयक राजीव त्रिपाठी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व कुलपति एवं पूर्व लोक सेवा आयोग अध्यक्ष डाॅ के बी पाण्डेय की उपस्थिति रही। विधायक ने रामायण मेले के निर्विघ्न सम्पन्नहोने पर एवं उसके सभी आयोजनों की भूरि भूरि प्रशंसा की, न्यायमूर्ति ने कविता के माध्यम से समाज को सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा दिया। उन्होने कहा मानस एक धर्म ग्रन्थ ही नही अपितु यह आदर्श समाज की स्थापना का सेतु है। बी एस ए महोदय ने सभी विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं को बधाई दिया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीपप्रज्वलन एवं भगवान राम दरबार पर पुष्पार्चन से हुआ। समिति के संस्थापक कीर्तिशेष लोकभूषण पं महेश प्रताप नारायण अवस्थी के आध्यात्मिक कार्यों और ऐसी अभूतपूर्व संस्था की स्थापना हेतु विनम्र श्रद्धासुमन अर्पित कर याद किया। कार्यक्रम में इलाहाबाद इण्टर कालेज के प्रधानाचार्य डाॅ अनन्त कुमार गुप्त ने छात्र-छात्राओ को उनके निष्ठावान प्रतिभाग हेतु बधाई दिया, और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनायें दी। कार्यक्रम का सफल संचालन समिति के महामंत्री डाॅ शम्भुनाथ त्रिपाठी’ अंशुल ने किया। छात्र-छात्राओ को पुरस्कृत करने का सफल संचालन समिति के सांस्कृतिक सचिव सतीश कुमार गुप्त ने किया। कार्यक्रम में उच्च प्राथमिक विद्यालय मोइनिद्दीनपुर से आये कैडेट बैंड ने अतिथियों का स्वागत किया। सम्मान के क्रम में अतिथियों को प्रशस्तिपत्र, अंगवस्त्रम एवं माल्यार्पण कर अभिनन्दन किया गया। कार्यक्रम में रायबरेली से पधारे वेदान्ती ने मानस की लोकविधा का सुन्दर स्वरूप प्रस्तुत किया। अंशुल ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में अरविन्द राय, अनिरुद्ध ओझा, सीमा गुप्ता, प्रथमा सिन्हा, सभी विद्यालयों के आचार्य, शिक्षक शिक्षिकाओं एवं अभिभावकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।



