मण्डला – बुधवार को मध्य प्रदेश कार्यभारित दैनिक वेतन भोगी एवं (स्थायी) कर्मचारी श्रमिक महासंघ ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय में मुख्य मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन है। ज्ञापन में कहा गया है कि मध्य प्रदेश दैनिक वेतन भोग विभागों में लगभग 25 से 30 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं एवं सन्दर्भित परिपत्र अनुसार, लेख हैं, मध्य प्रदेश शासन के मंत्री परिषद में बैठक दिनांक 16.12.2025, कैबिनेट के निर्णय के प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रंस दिनांक 16.12.2025 में स्थाई कर्मीयों को नियमित के समान सुविधाएं / व्यवरथा प्रावधानों में उल्लेख किया गया था। संदर्भ वित्त विभाग द्वारा जारी परिपत्र में स्थार्ड पत्र दिनांक 22.12 2025 की कंडिका 2.5 के क्रम में पेज नंबर 4 स्थाई कर्मी कर्मचारी के संबंध में उल्लेख किया गया हैं। जिसमें स्थाई कर्मियों को नियमित के समान सविधाएं एवं नियमितकरण का कोई उल्लेख नहीं किया गया हैं जबकिपूर्व में सामान्य प्रशासन विभाग मध्य प्रदेश शासन पत्र क्रमांक F5-1/2013/5 भोपाल दिनांक 7 अक्टबर 2016 को परिशिष्ट “अ” के क्रम में नियमित करण के प्रावधान किए गए थे में उल्लेखित हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि उपरोक्त के अनुसार दैनिक ‘वेतन भोगी कर्मचारियों में भ्रम की सिथिति उत्पन्न को लेकर असंतोष व्याप्त हैं। संगठन ने अनुरोध किया है कि दैनिक वेतन भोगी की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान किया जाए।

ज्ञापन में निम्न प्रमुख मांगे की गई है –
प्रदेश के समस्त स्थाई कर्मियों अकुशल एवं अर्द्ध कुशल को कार्यभारित के समान निम्नानुसार, सातवां वेतनमान स्वीकृत किया जाए, (15,.500-49000) एवं कुशल स्थाई कर्मिय को, कार्यभारित के समान (18,000-56,000) सातवां वेतनमान स्वीकत किया जाए। समस्त दैनिक वेतन भोगी, स्थाई कर्मियों, मास्टर कर्मी, सुरक्षा श्रमिक के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति, की पात्रता दी जाए। समस्त स्थाई कर्मियों को अर्जित अवकाश, नियमित के समान अवकाश एवं अन्य लाभ प्रदान् किया जाए एवं देैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को यात्रा भत्ता दिए जाने के प्रावधान किए जाएं। समस्त दैनिक वेतन भोगी (अस्थाई) को स्थाई कर्मी के समान कर्मचारियों को, 4400-7000 वेतनमान स्वीकृत किया जाए एवं अंतर समाप्त किया जाए। समस्त स्थाई कर्मियों एवं दैनिक वेतन भोगी, सुरक्षा श्रमिक, मास्टर कर्मी, अंशकालीन कर्मचारी को आयुष्मान भारत “निरामयम” योजना का लाभ दिया जाए। वन विकास निगम, श्रम कल्याण मंडल, वन विभाग में कार्यरत ‘सुरक्षा श्रमिकों, समस्त विश्वविद्यालय, कृषि महाविद्यालय, विद्यालय, कषि विज्ञान केंद्र, समस्त नगर पालिका, नगर पंचायत, नगर परिषद,’ नगर निगम, प्रदेश में कार्यरत ‘दै.वे.भो. मस्टर कर्मी, (अंशकालिक क पूर्णकालीन) करते हुए को दैनिक वेतन भोगी मानते हए स्थाई कर्मी एवं नियमित किया जाए। कार्यभारित कर्मचारियों को अवकाश नगदीकरण का लाभ दिया जाए। सेवानिवृत दैनिक वेतन भोगीकर्मचारी एवं स्थाई कर्मियों को ओल्ड पेंशन योजना का लाभ दिया जाए।

ज्ञापन में मुख्य मंत्री से उपरोक्त संबंध मध्यप्रदेश कार्यभारित एंव दैनिक वेतन भोगी श्रमिक महासंध (सबद्ध भारतीय मजदूर संघ) आपका ध्यान आकर्षित करते हुए निवेदन किया गया हैं कि वे भारतीय मजदूर संघ मध्य प्रदेश एवं महासंघ के शीर्ष नेतृत्व पदाधिकारी से वार्ताकर श्रमिकों की समस्याओं का समाधान करें। इस दौरान मध्य प्रदेश कार्यभारित दैनिक वेतन भोगी एवं (स्थायी) कर्मचारी श्रमिक महासंघ भोपाल के प्रदेश अध्यक्ष द्वारका कछवाहा, प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश ठाकुर, प्रदेश महामंत्री प्रदीप कुमार झा, मंडला जिलाध्यक्ष मनोज कुमार सोलंकी, शीतल चौबे सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।

मंडला से अशोक मिश्रा की रिपोर्ट

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