इंदौर – सेवा, समर्पण और मानवता की सशक्त पहचान
इंदौर शहर के लिए गर्व का विषय बनते हुए वरिष्ठ समाजसेविका, मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं महिला सशक्तिकरण की सशक्त आवाज़ श्रीमती रितु छाबड़ा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित प्रतिष्ठित साउथ एशियन रीजनल कंट्रीज़ ब्रिलिएंट अवार्ड 2025 समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
इस भव्य अंतरराष्ट्रीय समारोह में नेपाल सरकार के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न दक्षिण एशियाई देशों के विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश से श्रीमती रितु छाबड़ा इस सम्मान के लिए एकमात्र चयनित प्रतिभागी रहीं, जिससे इंदौर और प्रदेश दोनों का मान बढ़ा है।
श्रीमती रितु छाबड़ा वर्षों से समाजसेवा, मानवाधिकार संरक्षण, महिला सशक्तिकरण एवं जन-जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। “इंदौर शेरनी” के नाम से पहचानी जाने वाली श्रीमती छाबड़ा ने निडर होकर सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज़ उठाई है और पीड़ित वर्गों को न्याय दिलाने हेतु उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
उनका यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान सेवा, समर्पण और मानवता की सच्ची पहचान है। यह उपलब्धि न केवल इंदौर शहर बल्कि समूचे समाज के लिए प्रेरणादायी है। समाजसेवा, महिला नेतृत्व और मानवाधिकार रक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा।

इंदौर की वरिष्ठ समाजसेविका श्रीमती रितु छाबड़ा को अंतरराष्ट्रीय सम्मान –

इंदौर – सेवा, समर्पण और मानवता की सशक्त पहचान
इंदौर शहर के लिए गर्व का विषय बनते हुए वरिष्ठ समाजसेविका, मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं महिला सशक्तिकरण की सशक्त आवाज़ श्रीमती रितु छाबड़ा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित प्रतिष्ठित साउथ एशियन रीजनल कंट्रीज़ ब्रिलिएंट अवार्ड 2025 समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
इस भव्य अंतरराष्ट्रीय समारोह में नेपाल सरकार के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न दक्षिण एशियाई देशों के विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश से श्रीमती रितु छाबड़ा इस सम्मान के लिए एकमात्र चयनित प्रतिभागी रहीं, जिससे इंदौर और प्रदेश दोनों का मान बढ़ा है।
श्रीमती रितु छाबड़ा वर्षों से समाजसेवा, मानवाधिकार संरक्षण, महिला सशक्तिकरण एवं जन-जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। “इंदौर शेरनी” के नाम से पहचानी जाने वाली श्रीमती छाबड़ा ने निडर होकर सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज़ उठाई है और पीड़ित वर्गों को न्याय दिलाने हेतु उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
उनका यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान सेवा, समर्पण और मानवता की सच्ची पहचान है। यह उपलब्धि न केवल इंदौर शहर बल्कि समूचे समाज के लिए प्रेरणादायी है। समाजसेवा, महिला नेतृत्व और मानवाधिकार रक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा।

रिपोर्ट – सोमिल मेहता, इंदौर

Leave A Reply

Exit mobile version