जिला शिक्षा अधिकारी के नियमों को ठेंगा दिखा रहे हैं विकासखंड शिक्षा अधिकारी स्कूलों में अवैध शुल्क वसूली, अपूर्ण सूचना और नियमों से खिलवाड़ का मामला उजागर, पाठशाला इंग्लिश मीडियम स्कूल के नहीं उपलब्ध किए जा रहे हैं दस्तावेज़

कटनी | कटनी जिले के बहोरीबंद विकासखंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों में है। शिक्षा विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जारी निर्देशों को दरकिनार करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी बहोरीबंद द्वारा स्कूलों से संबंधित अनिवार्य सूचनाएँ न उपलब्ध कराना, अवैध शुल्क वसूली पर कार्रवाई न करना और आरटीआई आवेदनों को अनदेखा करना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश ने इस लापरवाही को पूरी तरह उजागर कर दिया है।
RTI से खुली पोल स्कूल में अवैध शुल्क वसूली, पर बीईओ मौन
विदित हैं कि 16 सितंबर 2025 को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत एक आवेदन प्रस्तुत किया गया था।आवेदन में उन्होंने पाठशाला इंग्लिश मीडियम स्कूल बहोरीबंद में 8 वीं से 9 वीं में एडमिशन के नाम पर छात्रों से ₹5000 तक वसूले जाने की शिकायत की थी।RTI में यह जानकारी मांगी गई थी कि क्या स्कूल द्वारा वसूला जा रहा शुल्क शिक्षा विभाग की स्वीकृति अनुसार है? यदि नहीं, तो स्कूल पर क्या कार्रवाई की गई? स्कूल की मान्यता, शिक्षक सूची, योग्यता और अन्य प्रशासनिक जानकारी प्रदान की जाए। लेकिन विकासखंड शिक्षा अधिकारी बहोरीबंद के द्वारा निर्धारित समय सीमा में कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई।
अपीलीय अधिकारी ने लगाई फटकार बीईओ दोषी करार
सूचना न देने के कारण आवेदक ने 18 अगस्त 2025 को प्रथम अपील दायर की । मामले की सुनवाई 26 सितंबर 2025 को हुई, जिसमें प्रथम अपीलीय अधिकारी सह जिला शिक्षा अधिकारी कटनी ने स्पष्ट निर्देश जारी किए। अपीलीय अधिकारी ने कहा बीईओ बहोरीबंद द्वारा मांगी गई सूचना उपलब्ध न कराना सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 का सीधा उल्लंघन है। स्कूल में अवैध शुल्क वसूली की शिकायत के बावजूद कोई रिपोर्ट या कार्रवाई नहीं करना गंभीर लापरवाही है।8 वीं से 10 वीं तक स्कूल की मान्यता, शिक्षक सूची तथा शिकायतों पर की गई कार्रवाई की प्रमाणित प्रतियां नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएं। यदि कोई सूचना उपलब्ध नहीं है, तो उसका स्पष्ट उल्लेख लिखित में किया जाए, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय को जानकारी उपलब्ध कराए जाने का आदेश करते हुए सूचना अधिकार प्रकरण निराकृत किया गया किंतु विकासखंड शिक्षा अधिकारी बहोरीबंद के द्वारा आज दिनांक तक जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश पालन में न्याय संगत कार्यवाही नहीं की गई और ना ही आदेश का पालन किया गया
शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
इस मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अवैध शुल्क वसूली पर कार्रवाई क्यों नहीं? स्कूलों की फीस संरचना निर्धारित करने का अधिकार शिक्षा विभाग का है, परंतु बीईओ ने शिकायत को अनसुना कर दिया। इससे अनुमान लगता है कि या तो विभाग की कार्रवाई में रुचि नहीं है या फिर स्कूल प्रबंधन का संरक्षण प्राप्त है। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 7(1) के अनुसार PIO को 30 दिनों में सूचना देना अनिवार्य है। समय पर सूचना न देना दंडनीय है, परन्तु बीईओ ने न केवल जानकारी छुपाई बल्कि सुनवाई के दौरान भी तथ्य प्रस्तुत नहीं किए। जो विकासखंड शिक्षा अधिकारी की मुख्य सहमति प्रदर्शित करती है सहमति का आधार क्या है सवालों के घेरे में मैं है अपीलीय आदेश के अनुसार यदि स्कूल की 9वीं और 10वीं की मान्यता से संबंधित दस्तावेज कार्यालय में नहीं हैं, तो इसे बड़ा प्रशासनिक अपराध माना जाएगा । क्या बीईओ पर होगी कार्रवाई? अपीलीय अधिकारी ने निर्देश तो जारी कर दिए, लेकिन यह बड़ा सवाल बना हुआ है कि क्या बीईओ पर R.T.I. अधिनियम की धारा 20 के तहत दंडात्मक कार्रवाई होगी? क्या अवैध शुल्क वसूली की जांच होगी? क्या स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी अनुशासनात्मक प्रक्रिया शुरू होगी? इन सभी प्रश्नों के उत्तर अब शिक्षा विभाग की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करते हैं।
🖋️ पुलिसवाला न्यूज़ कटनी से पारस गुप्ता की रिपोर्ट

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