डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया

डिंडौरी मे रिश्वत मांगने वाले रोजगार सहायक को 5 वर्ष सश्रम कारावास

शासन की योजनाओं में भ्रष्टाचार रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसले में विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम डिंडौरी की अदालत ने ग्राम पंचायत मुढियाकला के रोजगार सहायक इंद्रसिंह वालरे को रिश्वत लेने के मामले में 5 वर्ष सश्रम कारावास और 10,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त 6-6 महीने का कारावास भी भुगतना होगा।

रिश्वत मांगने का मामला

मीडिया सेल प्रभारी एवं अभियोजन अधिकारी मनोज कुमार वर्मा के अनुसार, प्रार्थी ने लोकायुक्त थाना में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसके पिता के नाम स्वीकृत कपिल धारा कूप योजना की कुल राशि 2,30,000 रुपये में से अंतिम किश्त 45,000 रुपये प्राप्त करने के लिए रोजगार सहायक इंद्रसिंह वालरे ने 2,000 रुपये रिश्वत की मांग की थी।

शिकायत की पुष्टि होने पर विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त संगठन, जबलपुर ने टीम गठित कर कार्रवाई की।
27 सितंबर 2025 को लोकायुक्त टीम ने इंद्रसिंह वालरे को 1,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

जांच के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और धारा 13(2)(डी) सहपठित धारा 13(2) के तहत अभियोग पत्र पेश किया गया। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों को न्यायालय ने स्वीकार करते हुए आरोपी को दोषी पाया और कठोर सजा सुनाई।
इस मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार वर्मा ने प्रभावी पैरवी की, जिसके चलते आरोपी को दोषसिद्ध कर दंडित किया गया।

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