अस्पताल की लापरवाही उजागर: पोस्टमार्टम में देरी से घंटों जमीन पर पड़े रहे शव

संवाददाता इनायत अहमद

उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार शाम इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया। सड़क हादसे में मारे गए दो लोगों के शव पोस्टमार्टम न होने के कारण घंटों तक अस्पताल परिसर में जमीन पर पड़े रहे। इस लापरवाही ने न केवल अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता उजागर की, बल्कि स्थानीय लोगों में आक्रोश भी फैला दिया।

जानकारी के मुताबिक, एनएच-43 पर मुढुलूहा टोला के पास ग्राम कुमुर्द निवासी सतीश सिंह और विकास बैगा की सड़क दुर्घटना में मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य युवक चमन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों मृतकों के शवों को पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, लेकिन देर शाम होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं किया जा सका।

आरोप है कि अस्पताल में शव रखने की कोई उचित व्यवस्था नहीं थी। स्ट्रेचर या कोल्ड स्टोरेज की कमी के चलते दोनों शवों को रैंप के पास जमीन पर ही छोड़ दिया गया। इस दौरान अस्पताल स्टाफ ने भी कोई पहल नहीं की। बाद में एक समाजसेवी ने यह दृश्य देखकर सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण किया, जिसके बाद हड़कंप मच गया। स्थिति बिगड़ते ही प्रबंधन ने जल्दबाजी में स्ट्रेचर की व्यवस्था की।

मृतकों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक सतीश सिंह की मां कमलाबाई ने कहा, “इतने बड़े अस्पताल में शव रखने की जगह नहीं है। हमारे बच्चे की मौत हो गई और उसे जमीन पर छोड़ दिया गया। क्या गरीबों की मौत की कोई कीमत नहीं?”

बीएमओ ने दी सफाई
पाली स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ पुट्टूलाल सागर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शवों को अस्थायी रूप से नीचे रखा गया था क्योंकि स्ट्रेचर लाने में थोड़ा समय लगा। यह कहना गलत है कि शव घंटों पड़े रहे। मीडिया में बातों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है, जबकि हमने व्यवस्था तुरंत कर दी थी।

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