एक जिम्मेदार अधिकारी का गैर जिम्मेदाराना रवैया *सामग्री चोरी हो गई तो हो गई
कटनी
वन संरक्षण और ग्रामीण विकास भारत जैसे देश में अत्यंत महत्वपूर्ण विषय हैं। वन न केवल पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हैं, बल्कि लाखों लोगों की आजीविका का साधन भी हैं। इसी कारण से सरकार ने समय-समय पर ग्राम वन समितियों का गठन किया है ताकि ग्रामीणों की सहभागिता से वन संसाधनों का संरक्षण, प्रबंधन और विकास हो सके। परंतु कई बार प्रशासनिक लापरवाही, भ्रष्टाचार और विभागीय उदासीनता के कारण ऐसे प्रयास विफल हो जाते हैं। हाल ही में वन परिक्षेत्र बहोरीबंद के अंतर्गत आने वाली ग्राम वन समिति कुआं से जुड़ी घटना इसका ताजा उदाहरण है।
वन विभाग की भूमिका पर सवाल
वन विभाग का मुख्य दायित्व वनों की सुरक्षा और संरक्षण का है। विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वन क्षेत्र में लगाए गए संसाधन सुरक्षित रहें और उनका उचित उपयोग हो । 40 हेक्टेयर क्षेत्र में लगे तार की नियमित जांच नहीं की गई। यदि विभाग के कर्मचारी समय-समय पर क्षेत्र का निरीक्षण करते तो चोरी इतनी बड़ी मात्रा में नहीं हो सकती थी। ग्रामीणों का आरोप है कि चोरी बिना विभागीय कर्मचारियों की जानकारी या सहयोग के संभव ही नहीं है। तार जैसी भारी वस्तु को उठाना और ले जाना आसान नहीं होता। इसके लिए परिवहन साधनों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सवाल उठता है कि यह सब कैसे हुआ और किसकी नजर से बच गया । अब तक किसी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। न ही चोरी की रिपोर्ट को गंभीरता से दर्ज किया गया है। इससे आम जनता का भरोसा विभाग से उठता जा रहा है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी बहोरीबंद से विभागीय चोरी के मामले मै जानकारी चाहे जाने पर उनके द्वारा गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए बोला गया, सामग्री चोरी हो गई तो हो गई
देवेश गौतम वन परिक्षेत्र अधिकारी बहोरीबंद
अनुविभागीय अधिकारी वन द्वारा जानकारी चाहे जाने पर कहा गया कि इस संबंध में जानकारी नहीं है ,मैं तुरंत कार्यवाही करते हुए जानकारी प्राप्त करती हूं। संबंधित कर्मचारियो पर कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे और वन परिक्षेत्र अधिकारी बहोरीबंद देवेश गौतम द्वारा गैर जिम्मेदार कथन पर न्याय उचित विभागीय कार्यवाही की जाएगी ।
*जया त्रिपाठीअनुविभागीय
अधिकारी वन मंडल कटनी
🖋️ पुलिसवाला न्यूज़ कटनी से पारस गुप्ता की रिपोर्ट