डिण्डौरी।
भारतीय संस्कृति की गौरवशालिनी देवसलिला मां नर्मदा के पावन तट पर स्थित पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय धमनगांव डिण्डौरी में हिंदी दिवस समारोह बड़े ही हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। यह आयोजन शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की स्वायत्त संस्था नवोदय विद्यालय समिति क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल के दिशा-निर्देशन एवं प्राचार्य डॉ. हर्ष प्रताप सिंह के कुशल नेतृत्व में सांध्य बेला में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत
समारोह का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. हर्ष प्रताप सिंह, रामानंद, के.एल. महोबिया, उमाशंकर एवं अन्य शिक्षकों द्वारा आधुनिक हिंदी साहित्य के पुरोधा भारतेंदु हरिश्चंद्र के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ।
छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियाँ
कक्षा 8 की छात्रा अर्पिता मरावी ने “हिंदी दिवस की आवश्यकता एवं विकास” विषय पर विचार व्यक्त किए। छात्रा कीर्ति सनोडिया ने हिंदी भाषा के महत्व पर अपनी प्रस्तुति दी, जबकि डेविड साहू ने हिंदी प्रचार-प्रसार पर अपने विचार साझा किए।
छात्रा प्राची पड़वार ने कविता “आदमी का अनुपात” का मधुर पाठन कर सबका मन मोह लिया। इसी क्रम में आस्था गवले और वंदना देशमुख ने अपनी स्वरचित कविताओं के माध्यम से हिंदी के महत्व को उजागर किया।
शिक्षकों की प्रस्तुतियाँ
विद्यालय के हिंदी प्रवक्ता के.एल. महोबिया ने गजल “सुगम कोमल सवैया में लिखे रसखान है हिंदी” के माध्यम से हिंदी की गरिमा और महत्व को रेखांकित किया।
छात्र-छात्राओं का सम्मान
हिंदी दिवस पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड परीक्षा (2024-25) में कक्षा 12वीं हिंदी विषय में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने पर पूर्व छात्राओं पूजा नागेश एवं गौरी झरिया को प्राचार्य महोदय द्वारा ₹2500 नगद, पेन एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर पूजा नागेश ने कहा— “भाषा शिक्षा की बुनियाद है। सफलता छोटे-छोटे लक्ष्यों और शिक्षकों के मार्गदर्शन से ही संभव है। हमें सदैव शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए।”
हिंदी सेवकों का सम्मान
विद्यालय में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों— यज्ञ सेन पटेल (कार्यालय अधीक्षक), आभा बोरकर (संगीत शिक्षिका), दीक्षा तिवारी (अंग्रेजी शिक्षिका), उमा मिश्रा (लिपिक) एवं राकेश कुमार (चौकीदार) को पेन एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
साथ ही हिंदी पखवाड़ा में सहभागिता हेतु विद्यालय के अन्य शिक्षकों व शिक्षिकाओं— धर्मेंद्र सोनकर, जनार्दन बोरकर, ओम प्रकाश शुक्ल, सभाजीत पटेल, मंगल सिंह, उमेश कांत शर्मा एवं हेमलता परस्ते को भी पेन प्रदान कर सम्मानित किया गया।
प्राचार्य का उद्बोधन
समारोह में प्राचार्य डॉ. हर्ष प्रताप सिंह ने हिंदी भाषा के विकास, प्रचार-प्रसार एवं क्षेत्रीय भाषाओं के साथ उसके समन्वय पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने छात्र-छात्राओं को हिंदी भाषा के व्यावसायिक प्रयोग हेतु प्रेरित किया।
संचालन एवं आभार
कार्यक्रम का संचालन कक्षा 11 की छात्राएँ अर्पिता, वंदना देशमुख एवं राखी ने किया। अंत में आभार प्रदर्शन विद्यालय के अंग्रेजी शिक्षक धर्मेंद्र सोनकर ने व्यक्त किया।
डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया



