कथा के तीसरे दिन वाल व्यास के मुखारविंद से शिव पार्वती विवाह की कथा सुनाई

बिरधा (ललितपुर)ब्लॉक बिरधा के पिपरिया पाली में चल रही दिव्य संगीतमय सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास श्री राधा स्वरूप महक देवी जी श्री धाम बृंदावन के मुखारविंद से शिव पार्वती की कथा का वर्णन किया जिसमें श्रीमद् भागवत कथा में शिव पार्वती विवाह की प्रसिद्ध कथा है जो भगवान शिव और पार्वती के विवाह के बारे में बताती है। यह कथा भगवान शिव की महिमा और पार्वती की भक्ति का एक अद्भुत उदाहरण है एक बार पार्वती ने भगवान शिव को अपना पति बनाने के लिए तपस्या की। उन्होंने अपने पिता हिमालय राज से कहा हे पिता मैं भगवान शिव को अपना पति बनाना चाहती हूँ हिमालय राज ने कहा, हे पुत्री भगवान शिव एक महान योगी हैं वे संसार से विरक्त हैं, तुम उनके साथ कैसे रहोगी पार्वती ने कहा हे पिता मैं भगवान शिव की महिमा जानती हूँ मैं उनकी भक्ति करूंगी और उन्हें अपना पति बनाऊंगी पार्वती ने भगवान शिव के लिए तपस्या की और भगवान शिव ने उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें आकर कहा हे पार्वती मैं तुम्हारी भक्ति से प्रसन्न हूँ मैं तुम्हें अपनी पत्नी बनाऊंगा
भगवान शिव और पार्वती का विवाह एक महान समारोह में हुआ। भगवान ब्रह्मा ने विवाह की विधि की और भगवान विष्णु ने पार्वती को वरमाला पहनाई। भगवान शिव और पार्वती का विवाह एक महान उत्सव था जिसमें सभी देवताओं ने भाग लिया।कथा में शिव पार्वती विवाह प्रसंग हमें भगवान शिव की महिमा और पार्वती की भक्ति का एक अद्भुत उदाहरण देता है। यह कथा हमें बताती है कि भगवान की भक्ति और तपस्या से हम अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं और भगवान के साथ रह सकते हैं।कथा में संगीत मय भजनों पर सैकड़ो महिलाएं और पुरुषों झूमते नजर आए इस मौके पर आसपास के क्षेत्र से आए श्रद्धालु और ग्रामीण उपस्थित रहे

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