गरियाबंद


गरियाबंद में नक्सलियों का बड़ा सरेंडर: 45 लाख के 9 ईनामी माओवादियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता


गरियाबंद जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान को आज एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। शासन की पुनर्वास नीति और पुलिस के बढ़ते दबाव से प्रभावित होकर प्रतिबंधित संगठन के 09 हार्डकोर माओवादियों ने अपने आधुनिक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। सरेंडर करने वाले इन नक्सलियों पर कुल 45 लाख रुपये का ईनाम घोषित था।
मुख्य बातें:
हथियारों के साथ समर्पण: नक्सलियों ने 03 एके-47, 02 एसएलआर और 01 .303 रायफल जैसे कुल 06 ऑटोमैटिक हथियारों के साथ सरेंडर किया है।
बड़े चेहरों का आत्मसमर्पण: सरेंडर करने वालों में अंजू उर्फ कविता (डिवीजन सचिव, 8 लाख ईनामी), बलदेव (एरिया कमेटी प्रभारी, 8 लाख ईनामी), और डमरू उर्फ महादेव (डिवीजनल कमेटी सदस्य, 8 लाख ईनामी) जैसे बड़े कैडर शामिल हैं।
प्रभावी कमेटियां हुई कमजोर: इस समर्पण से प्रतिबंधित संगठन की ‘सीनापाली एरिया कमेटी’ और ‘एसडीके एरिया कमेटी’ को भारी झटका लगा है।
क्यों बदला मन?
आत्मसमर्पित माओवादियों ने बताया कि वे संगठन की खोखली विचारधारा, जंगल की कठिन परिस्थितियों और लगातार पुलिस कार्रवाई से त्रस्त हो चुके थे। पूर्व में सरेंडर कर चुके साथियों के खुशहाल जीवन और शासन की पुनर्वास नीति के प्रचार-प्रसार ने उन्हें मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।
इन बलों का रहा विशेष योगदान
इस बड़ी सफलता में गरियाबंद पुलिस की E-30 टीम, STF, CAF (19th Bn), CRPF (65th & 211th Bn) और CoBRA (207th Bn) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
रायपुर रेंज IG अमरेश मिश्रा ने आज आत्मसमर्पण किये नक्सलियों का नए जीवन में स्वागत किया तथा
प्रेस कॉन्फ्रेंस ले कर इस विषय में जानकारी दी और अन्य नक्सलियों से भी हिंसा त्याग कर आत्मसमर्पण करने की अपील की है।

रिपोर्ट :नेहरू साहू,
गरियाबंद

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