प्रयागराज। अखिल भारतीय अधिकारी प्रवास के क्रम में विद्या भारती के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्रीराम आरावकर का दो दिवसीय प्रवास आज ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सिविल लाइंस में प्रारंभ हुआ। प्रवास के प्रथम दिन उन्होंने काशी प्रांत के (ग्रामीण एवं नगरीय शिक्षा) विषय प्रमुखों एवं संकुल प्रमुखों के साथ एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक की। बैठक के दौरान श्रीराम आरावकर ने एक-एक कर सभी विषय प्रमुखों से उनके विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने और संगठनात्मक ढांचे को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण कार्य केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह छात्र के सर्वांगीण विकास का माध्यम बनना चाहिए।

अपने संबोधन में राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री ने विद्या भारती के ‘आधारभूत विषयों’ पर विशेष विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निम्नलिखित पाँच स्तंभों को सुदृढ़ करने पर बल दिया:

  • शारीरिक एवं योग : विद्यार्थियों के शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक एकाग्रता हेतु।
  • संगीत : कलात्मक अभिरुचि और मानसिक शांति के लिए।
  • संस्कृत : भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जुड़ाव हेतु।
  • नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा : छात्रों में उच्च संस्कारों और चारित्रिक विकास के बीजारोपण के लिए।

उन्होंने बताया कि इन विषयों के माध्यम से ही हम ऐसी युवा पीढ़ी तैयार कर सकते हैं जो आधुनिक होने के साथ-साथ अपनी जड़ों से भी जुड़ी रहे। इस अवसर पर क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री डॉ. राम मनोहर, प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी सहित विद्या भारती काशी प्रांत के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। बैठक के अंत में आगामी कार्ययोजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया और विषय प्रमुखों को कार्य को और अधिक नवाचारी बनाने हेतु प्रेरित किया गया। यह बैठक प्रांत के शिक्षा स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और संकुल स्तर पर गतिविधियों को और अधिक सक्रिय करने के संकल्प के साथ संपन्न हुई।

मनोज पांडेय

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