डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया

नववर्ष में नर्मदा के लिए बड़ी सौगात, नर्मदा की निर्मलता लौटाने 1.20 करोड़ की योजना, तीन माह में दिखेगा असर

नववर्ष 2026 के साथ ही माँ नर्मदा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित पहल की शुरुआत हो गई है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने नगर डिण्डौरी के नगरीय क्षेत्र से नर्मदा नदी में मिल रहे गंदे नालों को रोकने हेतु स्वीकृत परियोजना की विस्तृत जानकारी दी।

कलेक्टर ने बताया कि नर्मदा नदी के उद्गम पश्चात प्रथम प्रवेश नगर डिण्डौरी में लंबे समय से गंदे नालों के नदी में मिलने को लेकर श्रद्धालुओं, नर्मदा परिक्रमावासियों, जनप्रतिनिधियों एवं नगरवासियों में आक्रोश और चिंता बनी हुई थी। इस गंभीर समस्या को लेकर नगरीय प्रशासन एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार अवगत कराया गया, जिसके परिणामस्वरूप शासन ने इस विषय को विशेष संज्ञान में लेते हुए परियोजना को स्वीकृति प्रदान की।

शासन द्वारा 1 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से परियोजना स्वीकृत की गई है। इसके अंतर्गत माँ नर्मदा के प्रवाह मार्ग के बाएँ तट से मिलने वाले कुल 07 गंदे नालों को रोका जाएगा। इनमें चन्द्रविजय कॉलेज, ईमलीकुटी, रेहली मोहल्ला, गायत्री मंदिर, नर्मदा पुल, नर्मदा पुल एवं मंदिर के मध्य स्थित नाला तथा श्मशान घाट के पास स्थित नाला शामिल हैं।

परियोजना के तहत नालों पर रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जाएगा। साथ ही चन्द्रविजय कॉलेज एवं श्मशान घाट के पास लिफ्टिंग पम्पिंग स्टेशन स्थापित कर नालों के पानी को सीवर लाइन से जोड़ते हुए आरटीओ कार्यालय के पास संचालित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुँचाया जाएगा। शुद्ध किए गए पानी का उपयोग कृषि एवं अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में किया जा सकेगा। 07 नालों में से 02 नालों में लिफ्टिंग पम्पिंग सिस्टम तथा 05 नालों में ग्रेविटी आधारित प्रणाली से कार्य किया जाएगा।

नववर्ष के प्रारंभ से ही मेसर्स जे.एम. रमानी एंड कम्पनी द्वारा परियोजना का कार्य शुरू कर दिया गया है। आवश्यक मशीनें कार्यस्थल पर पहुँच चुकी हैं। परियोजना को 03 माह में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नर्मदा जयंती से पूर्व प्रथम चरण में 03 नालों को नदी में मिलने से रोकने का प्रयास किया जाएगा।

प्रेस वार्ता में कलेक्टर ने बताया कि आगामी समय में नर्मदा के दाएँ तट के लिए भी कार्ययोजना तैयार कर स्वीकृति उपरांत कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा आस्था और जीवन दोनों का आधार हैं तथा जनसहयोग से ही नगर का समग्र विकास संभव है। प्रशासन वर्ष 2026 में डिण्डौरी को स्वच्छ, साफ-सुथरा और पर्यावरण-अनुकूल नगर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।

प्रेस वार्ता में मुख्य नगर पालिका अधिकारी अमित तिवारी, जनसंपर्क अधिकारी चेतराम अहिरवार सहित जिले के पत्रकार उपस्थित रहे।

Leave A Reply

Exit mobile version