लखनऊ स्थित निजी क्षेत्र का अग्रणी अस्पताल मेदांता की लापरवाही से पूर्व सैनिक की मौत पर घिरता नजर आ रहा है।
अस्पताल में इलाज के लिए एडमिट हुए पूर्व सैनिक रमापति जो वाराणसी जनपद के रामनगर थाना क्षेत्र के वाजिदपुर के रहने वाले थे। जो लंबे समय से बीमार चल रहे थे जिन्हें परिजनों द्वारा 27 नवंबर को बेहतर इलाज के लिए मेदांता अस्पताल लखनऊ में भर्ती कराया गया।
मेदांता के चिकित्सक द्वारा टेंकुला लगाया गया। टेंकुला लगाने के कुछ देर बाद पूर्व सैनिक रमापति की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। जिस हाथ में टेंकुला लगाया गया था उस हाथ में जबरदस्त सूजन के साथ छाला पड़ गया और हाथ भी काला हो गया, पूर्व सैनिक को इसी दौरान कार्डियक अटैक आने लगा चिकित्सा द्वारा तत्काल सीपीआर दिया जाने लगा। आनन- फानन में पूर्व सैनिक को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रख दिया गया, चिकित्सकों द्वारा परिजनों को जांचों उपरांत बताया गया की टेंकुला लगाने की वजह से हाथ में अप्रत्याशित रूप से इंफेक्शन हो गया है जो अत्यंत खतरनाक रूप धारण कर लिया है, इंफेक्शन पर तत्काल नियंत्रण नहीं होता है तो मरीज की जान को खतरा हो सकता है जिससे मरीज की मौत हो सकती है। परिजन मेदांता हॉस्पिटल की बात को सुनकर अवाक हो गए परिजनों ने मेदांता अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाते हुए आक्रोश व्यक्त किया कि जब अस्पताल के चिकित्सक एक साधारण टेंकुला नहीं लगा पा रहे हैं तो गंभीर बीमारियों का इलाज यहां के चिकित्सक कैसे करते होंगे। यह तो अस्पताल मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है।
अस्पताल में भर्ती पूर्व सैनिक को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखने के पश्चात अस्पताल प्रशासन द्वारा परिजनों को अपने मरीज से मिलने पर रोक लगा दिया गया।
23 दिसंबर को इलाज के दौरान पूर्व सैनिक की मौत हो गई। जैसे ही परिजनों को जानकारी हुई तो परिजनो ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया।
वही पीड़ित परिवार के सहयोग में अन्य मरीजों के भी तीमारदार भी हंगामा काटना शुरु कर दिए, लोगों ने मेदांता हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहां की-अस्पताल एक निजी कंपनी द्वारा संचालित है, अस्पताल में विश्वास स्तरीय सुविधाएं होने का दावा किया जाता है जबकि सच्चाई यह है कि अस्पताल में अनुभवी डॉक्टरों का टोटा लगा हुआ है,मेदांता अस्पताल पैरामेडिकल स्टाफ के भरोसे चल रहा है जिससे यह मौत देने वाला अस्पताल बन गया है,
इलाज मे लापरवाही और गलत इंजेक्शन लगाने से मृत पूर्व सैनिक के शव को पुलिस कब्जे में लेकर कर रही पोस्टमार्टम
पूर्व सैनिक रमापति के परिजनों द्वारा मेदांता अस्पताल के विरुद्ध अंसल थाना में शिकायत दर्ज करने को लेकर तहरीर दिया गया। वही लखनऊ पुलिस मेदांता अस्पताल प्रशासन के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने से आनाकानी करने लगी। लेकिन पूर्व सैनिक के परिजन मेदांता अस्पताल पर मुकदमा दर्ज कराने के नाम पर अड़े रहे।
हंगामा बढ़ता देख प्रभारी निरीक्षक अंसल उपेंद्र सिंह ने मृतक पूर्व सैनिक के परिजनों को समझा बूझाकर शांत कराया और परिजनों से तहरीर लेकर पूर्व सैनिक के शव को मेदांता अस्पताल से अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करने के लिए पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया।
प्रभारी निरीक्षक उपेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के पश्चात ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मेदांता अस्पताल के विरुद्ध दोष सिद्ध होता है तो अस्पताल प्रशासन के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट-प्रभुपाल चौहान



