डिंडौरी मध्यप्रदेश

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शहपुरा में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के वितरण में गंभीर फर्जीवाड़े और लंबे समय से चली आ रही वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। इस मामले को लेकर सीएचसी शाहपुरा के मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स, एएनएम, फार्मासिस्ट सहित अन्य कर्मचारियों ने खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सत्येंद्र परस्ते के विरुद्ध जिला कलेक्टर डिंडौरी को लिखित शिकायत (ज्ञापन) सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

कर्मचारियों का आरोप है कि आयुष्मान योजना की प्रोत्साहन राशि के वितरण में नियमों की अनदेखी करते हुए भारी भ्रष्टाचार किया गया है। साथ ही, विगत कई वर्षों से वित्तीय लेन-देन में गंभीर अनियमितताएं की जा रही हैं, जिससे योजना की पारदर्शिता और कर्मचारियों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारियों ने निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डिंडौरी डॉ. मनोज पांडे को भी ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराने का आग्रह किया गया।

बताया गया कि 16 दिसंबर 2025 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुरा के मेडिकल ऑफिसर एवं अन्य कर्मचारियों द्वारा जिला कलेक्टर डिंडौरी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के समक्ष खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सत्येंद्र परस्ते के खिलाफ लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई।

अब यह देखना अहम होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और आयुष्मान भारत योजना से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई करता है।

रिपोर्ट अखिलेश झारिया

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