शहडोल- मध्य प्रदेश

गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, अमन-चैन व खुशहाली की दुआओं से गूंजेगी दरगाह शरीफ

शहडोल/उमरिया।
उमरिया जिले के नौरोजाबाद रेलवे स्टेशन के समीप स्थित नियाजी नगर की पवित्र दरगाह हजरत मियां सरकार रह. का 17 दिसंबर से तीन दिवसीय सत्रहवां उर्स मुबारक बड़े ही अकीदत और श्रद्धा के साथ शुरू होने जा रहा है। सूफी संत की यह ऐतिहासिक दरगाह हर साल गंगा-जमुनी तहजीब की अनोखी मिसाल पेश करती है, जहाँ देश के कोने-कोने से हजारों जायरीन अपनी हाजिरी पेश करने पहुंचते हैं।

यहाँ न सिर्फ मुस्लिम समाज बल्कि हिन्दू, सिख, ईसाई सहित सभी मजहब के लोग आस्था के साथ शामिल होते हैं। ऐसी मान्यता है कि हजरत मियां सरकार की पाक दरगाह पर सच्चे दिल से मांगी गई मुरादें जरूर पूरी होती हैं। देश के अमन, चैन और खुशहाली की दुआओं से यह दरगाह हर वर्ष जगमगा उठती है।नौरोजाबाद सहित
शहडोल,उमरिया कटनी,जबलपुर, भोपाल,धनपुरी,बुढ़ार, अनुकपुर, चिरमिरी,मनेंद्रगढ़,
डिंडोरी इलाहाबाद,सहित देश के कई क्षेत्र से जायरीन यहा आते हैं।

पहला दिन – 17 दिसंबर उर्स का आगाज

उर्स मुबारक का विधिवत आगाज 17 दिसंबर को बाद नमाजे जुहर होगा। इस दिन गुस्ल मजारे अक्दस, नमाजे असर, विसाल की फातेहा, शाम को महफिले समा, चादरपोशी और गुलपोशी की रस्में अदा की जाएंगी। इन्हीं रस्मों के साथ उर्स की शुरुआत मानी जाती है।

दूसरा दिन – 18 दिसंबर

दूसरे दिन बाद नमाजे फजर कुरान-खवानी होगी। सुबह 10 बजे फातेहा और लंगर का आयोजन, दोपहर 1:30 बजे महफिल-ए-समा, तथा रात नमाजे इशा के बाद हजरत महबूबुलावासलीन हजरत अब्दुल शकूर रह. बादहु की फातेहा और महफिल-ए-समा आयोजित की जाएगी।

तीसरा दिन – 19 दिसंबर (समापन)

उर्स के तीसरे और अंतिम दिन 19 दिसंबर को सुबह 9 बजे हजरत महबूबुलावासलीन हजरत मुहम्मद उबैद उल्ला रह. बादहु की फातेहा के बाद रंग व रुखसती की महफिल आयोजित की जाएगी। इसी के साथ उर्स मुबारक का समापन होगा।

धर्म और भाईचारे का केंद्र बनी दरगाह

दरगाह के खादिमुल अल्हाज हजरत मुहसिन मोहिउद्दीन (छोटे सरकार )जी की देखरेख में सम्पूर्ण आयोजन संपन्न होगा। इस दरगाह में केवल धार्मिक कार्यक्रम ही आयोजित होते हैं, जहाँ इंसानियत और भाईचारे को सर्वोपरि माना जाता है। हर वर्ष यहाँ लगने वाला नियाजियों का मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को और समृद्ध करता है।

यह जानकारी शहीद अहमद भूरा भाई द्वारा दी गई।

गंगा-जमुनी तहजीब, एकता, मोहब्बत और आस्था का यह तीन दिवसीय उर्स मुबारक एक बार फिर क्षेत्र को रौशन करने को तैयार है।

अजय पाल

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