🌐अमित बघेल ने किया पुलिस के सामने सरेंडर —

मामले में नई हलचल, सिंधी समाज का गुस्सा चरम पर; कठोर और त्वरित कार्रवाई की मांग तेज़

“किसी भी कीमत पर न्याय चाहिए, कठोर कार्रवाई ही एकमात्र विकल्प” – नावानी

बुरहानपुर – सिंधी समाज के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाले आपत्तिजनक बयान को लेकर पूरे प्रदेश ही नहीं, देशभर के सिंधी समुदाय में तीव्र आक्रोश व्याप्त है। समाज ने इसे अपनी सामूहिक अस्मिता पर सीधा हमला बताया है। इसी विवाद के बीच आरोपी अमित बघेल ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया, जिसकी पुष्टि होते ही समाज ने स्पष्ट कहा कि सरेंडर केवल पहला कदम है, न्याय तब तक अधूरा है जब तक कठोर कानूनी कार्रवाई पूरी नहीं होती। सिंधी समाज के विरुद्ध की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर पूरे समाज में गहरा रोष व्याप्त है। समाज के सम्मान, पहचान और अस्तित्व पर चोट करने वाली इस टिप्पणी ने लोगों में आक्रोश पैदा किया है। इसी प्रकरण में आरोपी अमित बघेल द्वारा पुलिस के सामने किया गया सरेंडर समाज के राष्ट्रस्तरीय आक्रोश का परिणाम है, जिसके लिए समाज ने छत्तीसगढ़ सरकार पुलिस प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित कर कहा है कि ये समाज द्वारा अपेक्षित कार्यवाही का अंतिम समाधान नहीं है।

ब्रघ्नपुर सिंधी समाज अध्यक्ष बलराज नावानी ने कहा समाज को किसी भी कीमत पर न्याय चाहिए, आरोपी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई ही एकमात्र विकल्प है। समाज साफ़ रूप से यह स्पष्ट करता है कि आरोपी पर कठोरतम कानूनी उन धाराओं के तहत की जाए जो सामाजिक शांति सद्भाव भंग सहित लाखों लोगों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने जैसा दुष्कृत्य है। समाज ने कहा कि ऐसी मानसिकता रखने वालों पर सख्त कार्रवाई न होने से समाज में गलत संदेश जाता है। पूरी घटना की निष्पक्ष, तेज़ और पारदर्शी जाँच हो।
समाज ने प्रशासन से अपेक्षा की है कि मामला गंभीरता से लिया जाए और विलंब न हो। भविष्य में किसी भी समुदाय के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी को ‘गंभीर अपराध’ की श्रेणी में रखा जाए। सोशल मीडिया पर समुदायों के विरुद्ध फैल रही नफरत पर नियंत्रण और मॉनिटरिंग को सख़्त किया जाए। सिंधी समाज ने कहा है कि यह मुद्दा केवल एक टिप्पणी का नहीं, बल्कि पूरे समुदाय की सम्मान-रेखा का है। समाज ऐसे व्यवहार के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति पर अडिग है।

समाज में गहरा रोष — सम्मान पर कोई समझौता नहीं

सिंधी समाज ने अपने बयान में कहा- “किसी भी समुदाय का अपमान समाज में विष फैलाने का काम करता है। सिंधी समाज अपने सम्मान और अस्तित्व के मुद्दों पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। यदि आज ऐसी टिप्पणी को नज़रअंदाज़ किया गया, तो कल हर समुदाय की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लग जाएगा।” सिंधी समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह घटना मात्र एक टिप्पणी का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे समुदाय के सम्मान, अस्तित्व और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रश्न है। समाज ने इस तरह की भाषा को सुनियोजित रूप से समुदाय को अपमानित करने का प्रयास बताया है। उन्होंने चेताया कि यदि इस मामले पर कठोर कार्रवाई नहीं होती, तो इसका गंभीर सामाजिक संदेश जाएगा और इससे भविष्य में सामुदायिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

प्रशासन को कड़ा संदेश..

समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा— “हम शांति में विश्वास रखते हैं, परंतु हमारे धैर्य की परीक्षा न ली जाए। सम्मान के मुद्दों पर सिंधी समाज हमेशा एकजुट होकर खड़ा रहेगा। कठोर कार्रवाई ही इस पूरे विवाद का एकमात्र समाधान है।” अंत में समाज ने प्रशासन को यह स्पष्ट संदेश दिया कि, देश के प्रति वफादारी, ईमानदारी, नागरिकता के मुद्दे पर सिंधी समाज किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं है, कठोर कार्रवाई ही न्याय है। रायपुर में हुई यह घटना अब स्थानीय दायरे से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुकी है। सिंधी समाज ने पुनः दोहराया कि— “समाज की गरिमा सर्वोपरि है। उसका अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।” समाजजनो ने आगे कहा कि आरोपी का सरेंडर न्याय की शुरुआत है, लेकिन न्याय तब पूरा होगा जब कानून सख्ती से अपना काम करेगा और पूरे मामले को एक मिसाल बनाया जाएगा। समाज ने यह भी कहा कि यदि कार्यवाही में ढिलाई बरती गई तो समाज शांतिपूर्ण लेकिन व्यापक स्तर पर लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होगा।

अध्यक्ष – सिंधी सेंट्रल पंचायत
ब्रघ्नपुर जिला बुरहानपुर मप्र

रिपोर्ट – धीरज नवानी, बुरहानपुर

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