छत्तीसगढ़
कांग्रेस ने रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव के लिए युवा नेता आकाश शर्मा को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी केसी वेणुगोपाल ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। आकाश शर्मा छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं और इससे पहले सात साल तक एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं ने उनके नाम पर सहमति जताई थी, जिसके बाद मंगलवार को उनके नाम पर अंतिम मुहर लगा दी गई। यह उपचुनाव 13 नवंबर को होगा और मतगणना 23 नवंबर को होगी। आकाश शर्मा का मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सुनील सोनी से होगा।
रायपुर दक्षिण सीट भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल के सांसद चुने जाने के बाद खाली हुई थी। 2023 के विधानसभा चुनाव में भी आकाश शर्मा ने दावेदारी की थी, लेकिन तब कांग्रेस ने महंत रामसुंदर दास को टिकट दिया था। इस बार आकाश शर्मा पर भरोसा जताते हुए पार्टी ने उन्हें मैदान में उतारा है। आकाश शर्मा की दावेदारी को लेकर पार्टी के भीतर व्यापक सहमति बनी थी, हालांकि प्रारंभिक चर्चा में प्रमोद दुबे का नाम आगे था। रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक के बाद दो नामों का पैनल पार्टी हाईकमान को भेजा गया, जिसमें प्रमोद दुबे का नाम सबसे आगे था। लेकिन अंततः प्रमोद दुबे के नाम पर सहमति न बनने के कारण आकाश शर्मा को उम्मीदवार चुना गया।
आकाश शर्मा की राजनीतिक पृष्ठभूमि काफी मजबूत रही है। उन्होंने पहले भी विधानसभा चुनाव 2018 और 2023 में टिकट के लिए आवेदन किया था, लेकिन पार्टी ने उन्हें उस समय मौका नहीं दिया। इस बार कांग्रेस ने उनकी युवा नेतृत्व क्षमता पर विश्वास जताया और उन्हें रायपुर दक्षिण से टिकट दिया गया है। आकाश शर्मा छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं और युवा पीढ़ी के बीच उनकी लोकप्रियता काफी है। उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत एनएसयूआई से हुई थी, जहां उन्होंने सात साल तक प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
सोमवार को आकाश शर्मा के नाम की घोषणा से पहले ही उनके समर्थक बड़ी संख्या में उनके घर पर इकट्ठा हो गए थे और सोशल मीडिया पर भी उनके लिए बधाई संदेश आने लगे थे। नाम घोषित होने से पहले ही उनके समर्थकों ने उन्हें बधाइयां देना शुरू कर दिया था, जिससे उनकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। आकाश शर्मा के नाम की घोषणा के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई है, जो इस चुनाव में कांग्रेस की उम्मीदों को मजबूती प्रदान कर सकती है।
प्रमोद दुबे, जो रायपुर नगर निगम में सभापति हैं और पूर्व महापौर भी रह चुके हैं, ने कांग्रेस के टिकट की उम्मीद में नामांकन फॉर्म भी खरीदा था। हालांकि उन्होंने कहा था कि यदि पार्टी उन्हें मौका देगी तो वे नामांकन दाखिल करेंगे, लेकिन अब आकाश शर्मा को टिकट दिए जाने के बाद प्रमोद दुबे और अन्य दावेदारों ने पार्टी के निर्णय का सम्मान किया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भी यह स्पष्ट किया कि सभी दावेदारों से चर्चा हो चुकी है और उन्होंने वादा किया है कि पार्टी जिसे भी टिकट देगी, सब मिलकर उसके लिए काम करेंगे।
कांग्रेस ने इस उपचुनाव में जीत हासिल करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यह चुनाव कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है और वे 34 साल पुराना इतिहास बदलने के लिए लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि रायपुर दक्षिण की जनता को यह बताना जरूरी है कि सुनील सोनी, जो बीजेपी के प्रत्याशी हैं, सांसद और महापौर होने के बावजूद क्षेत्र के लिए क्या खास उपलब्धि हासिल कर पाए हैं। उन्होंने सुनील सोनी को सबसे निष्क्रिय सांसद करार दिया और कहा कि जनता के बीच जाकर उनकी उपलब्धियों को बताया जाना चाहिए।
बीजेपी की ओर से रायपुर दक्षिण सीट के लिए सुनील सोनी को उम्मीदवार बनाया गया है। बृजमोहन अग्रवाल, जो इस सीट से विधायक थे और अब सांसद बन चुके हैं, ने कांग्रेस की टिकट घोषणा पर चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित करने में काफी देरी कर दी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में चार गुटों के झगड़े के बाद प्रत्याशी का चयन हुआ है। बृजमोहन अग्रवाल ने यह भी तंज कसा कि कांग्रेस ने ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया है, जिसका रायपुर से कोई विशेष संबंध नहीं है।
रायपुर दक्षिण सीट पर 2023 तक हुए चार चुनावों में कांग्रेस के उम्मीदवार हर बार बड़े अंतर से हारे हैं। 2018 के चुनाव में कांग्रेस के कन्हैया अग्रवाल सबसे कम वोटों के अंतर से हारने वाले प्रत्याशी थे, जब बृजमोहन अग्रवाल की लीड महज 17,496 वोटों की थी। हालांकि, 2023 के चुनाव में बृजमोहन ने कांग्रेस के डॉ. महंत रामसुंदर दास को 67,000 से अधिक वोटों के बड़े अंतर से हराया था।
अब देखना यह है कि इस उपचुनाव में आकाश शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी किस तरह से अपनी रणनीति बनाती है और क्या वह पिछले 34 साल का इतिहास बदलकर इस सीट पर जीत हासिल कर पाती है।
( राजीव खरे स्टेट ब्यूरो चीफ़ छत्तीसगढ़)
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